बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार इस बार परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी और इसके लिए विस्तृत समयसारिणी भी जारी कर दी गई है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।
शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक वार्षिक परीक्षा 16 मार्च से शुरू होकर 20 मार्च तक चलेगी। इस दौरान विभिन्न कक्षाओं के छात्रों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है ताकि परीक्षा का संचालन सुचारू रूप से किया जा सके और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दो पालियों में आयोजित होगी परीक्षा
इस वर्ष परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। परीक्षा को दो पालियों में आयोजित किया जाएगा ताकि सभी कक्षाओं की परीक्षा निर्धारित समय के भीतर पूरी की जा सके। प्रत्येक लिखित परीक्षा की अवधि लगभग दो घंटे तय की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि दो पालियों में परीक्षा आयोजित करने से परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम होगी और परीक्षा प्रबंधन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। साथ ही विद्यालयों को भी परीक्षा संचालन में पर्याप्त समय और संसाधन उपलब्ध होंगे।
लिखित और मौखिक परीक्षा का होगा अलग मूल्यांकन
नई व्यवस्था के अनुसार कुछ कक्षाओं में लिखित परीक्षा के साथ मौखिक परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। इससे छात्रों की विषय समझ और व्यावहारिक ज्ञान का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकेगा।
कक्षा 1 के विद्यार्थियों के लिए मुख्य रूप से मौखिक परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि कक्षा 2 से 5 तक के छात्रों के लिए लिखित और मौखिक दोनों प्रकार की परीक्षाएं होंगी। इसमें लिखित परीक्षा और मौखिक मूल्यांकन के अंक निर्धारित अनुपात में जोड़े जाएंगे।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की मूल्यांकन प्रणाली से छात्रों की वास्तविक शैक्षणिक क्षमता का बेहतर आकलन संभव होगा। इससे केवल रटने की प्रवृत्ति कम होगी और समझ आधारित अध्ययन को बढ़ावा मिलेगा।
उच्च कक्षाओं के लिए अलग परीक्षा प्रारूप
कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए परीक्षा पूरी तरह लिखित होगी। इन कक्षाओं के लिए प्रश्नपत्रों का स्वरूप भी संतुलित रखा गया है ताकि विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता और विषय ज्ञान दोनों का मूल्यांकन किया जा सके।
प्रश्नपत्रों में बहुविकल्पीय प्रश्न, लघु उत्तरीय प्रश्न और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इससे छात्रों को विषय के विभिन्न पहलुओं को समझने और लिखने का अवसर मिलेगा।
परीक्षा की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को निर्देश दिया है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अनुशासित तरीके से संचालित की जाए।
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विद्यालयों को निर्धारित समयसारिणी और दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इससे छात्रों को निष्पक्ष परिणाम प्राप्त हो सकेगा और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बना रहेगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
परीक्षा से पहले छात्रों को अपनी पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से दोहराने की सलाह दी गई है। विद्यालयों के शिक्षक भी विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं ताकि वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करें और परीक्षा के दौरान उनका मनोबल बढ़ाएं। सही तैयारी और सकारात्मक माहौल से विद्यार्थी बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।
आधिकारिक जानकारी कहां से प्राप्त करें
परीक्षा से संबंधित किसी भी अपडेट या नई सूचना के लिए छात्र और अभिभावक अपने विद्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित जिला शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सूचना बोर्ड पर भी समय-समय पर अपडेट जारी किए जाएंगे।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों को परीक्षा कार्यक्रम का पालन करना अनिवार्य होगा, जिससे पूरे प्रदेश में परीक्षा प्रक्रिया एक समान तरीके से संचालित हो सके।